बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना द्वारा “राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप आउटकम-आधारित पाठ्यक्रम डिजाइन एवं विकास” विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आज शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न अभियंत्रण महाविद्यालयों से आए शिक्षकों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जो ज्ञान, बुद्धिमत्ता एवं प्रगति का प्रतीक है। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिजेंद्र कुमार, तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल से आए विशेषज्ञ प्रो. अंजु रावले एवं प्रो. संजय अग्रवाल उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि अभियांत्रिकी शिक्षा राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। बिहार की समृद्ध शैक्षिक परंपरा, आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं। वर्तमान समय में आधारभूत संरचना, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रशासन एवं उद्यमिता के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उच्च शिक्षा में व्यापक सुधारों की परिकल्पना करती है, जिसमें पाठ्यक्रम, मूल्यांकन एवं शिक्षण पद्धति में परिवर्तन प्रमुख हैं। उद्योग 4.0 के इस युग में उद्योगों की अपेक्षाओं और विद्यार्थियों के कौशल के बीच विद्यमान अंतर को समाप्त करना अत्यंत आवश्यक है।
इसी उद्देश्य से बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों की समीक्षा एवं पुनर्रचना की जा रही है। आउटकम-आधारित शिक्षा के माध्यम से छात्रों को केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि समस्या समाधान क्षमता, नवाचार, नैतिकता, टीमवर्क एवं सामाजिक जिम्मेदारी जैसे गुणों से भी सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य एक ऐसा आधुनिक एवं प्रासंगिक पाठ्यक्रम तैयार करना है, जो उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हो तथा छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाए। अंत में आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कार्यशाला भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रम निर्माण में सहायक सिद्ध होगी और राज्य के तकनीकी शिक्षा स्तर को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगी।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।