प्रयागराज में जुटेंगे देशभर के विद्वान, साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, साहित्यसेवी एवं समाजसेवी* 

जितेन्द्र कुमार सिन्हा, पटना, 01 फरवरी ::

कला, साहित्य और संस्कृति के विकास को समर्पित थावे विद्यापीठ के तत्वावधान में आगामी 22 फरवरी,2025 (रविवार) को प्रयागराज स्थित स्वामी भजनानंद मृत्युंजय धाम आश्रम (छतनाग रोड, पुरानी पाठशाला, पानी की टंकी के पास, झूसी, प्रयागराज) में एक दिवसीय विशेष अधिवेशन का आयोजन किया गया है, जिसमें देशभर के विद्वान, साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार, साहित्यसेवी एवं समाजसेवी भाग लेंगे। विशेष अधिवेशन को ऐतिहासिक बनाने के लिए ग्यारह सदस्यीय समिति का गठन किया है।

विद्यापीठ के स्थानीय संयोजक एवं उप-कुलसचिव डॉ. गिरधारी लाल अग्रवाल ने कहा है कि सदियों से होली रंगों के त्यौहार के रूप में अति वैभवपूर्ण एवं उल्लासमय रूप में मनाया जाता रहा है, परन्तु अब इसमें कई प्रकार की कुरीतियों का समावेश होता जा रहा है। रंगों की मार अभद्र हो गईं हैं। बनावटी, केमिकल से बने रंग इस त्योहार के वैभव को लुप्त करते जा रहे हैं। कहाँ तो जड़ी-बूटियों, फूलों से बने अबीर-गुलाल, कुमकुम आदि रंग जो चेहरों को चमका जाते थे? वहीं सत्यानाशी बनावटी रंग आदमी का हुलिया ही बिगाड़ जाते हैं। इस एक कारण से भी समाज का एक बड़ा वर्ग इस उल्लासमय पर्व से दूर रहकर क्लांत हृदय किसी एकान्त स्थान में अपना यह दिवस व्यतीत करने पर मजबूर सा हो गया है।

डॉ. अग्रवाल ने यह जोर देते हुए कहा है कि विद्यापीठ के लोग घिसी-पिटी कुरीतियों की परम्परा को तिलांजलि देकर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रयागराज में विषय विशेषज्ञ, राजनीतिज्ञ, समाजसेवी, पत्रकार आदि सहित सभी उपस्थित सज्जनों की सन्निधी में उल्लास के साथ विभिन्न फूलों की वर्षा करते, इत्र आदि की सुंगध बिखेरते, भजन-कीर्तन, संगीत का समायोजन करते हुए आगामी 22 फरवरी को मनाएंउन्होंनेl

उन्होंने कहा कि हर नर में नारायण स्वरूप ईश्वर की अनुभूति कर उपस्थित सभी एक दूसरे पर फूलों की वर्षा करते हुए सनातन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एकता – अखंडता का संदेश देंगे।

उन्होंने बताया है कि इस अधिवेशन में देश के आधा दर्जन से अधिक राज्यों और 20 से अधिक शहरों से प्रतिभागियों की उपस्थिति होगी। अधिवेशन में तीन सत्रों का संचालन होगा – प्रथम सत्र में काव्यपाठ (वसंत – काव्योत्सव), दूसरे सत्र में संगीतमय फूलों की होली और तीसरे सत्र में व्याख्यान होगा एवं सम्मानोपाधियां अर्पित की जाएंगी। इस अवसर पर पुस्तकों,पत्र – पत्रिकाओं का लोकार्पण भी होगा।

डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया है कि प्रयागराज अधिवेशन में मुख्य रूप से संरक्षक के रूप में महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद सरस्वती – परमाध्यक्ष दैवी संपद मण्डल, विद्यापीठ के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, प्रति कुलपति डॉ.जंग बहादुर पांडेय, कुलसचिव डॉ. पी. एस. दयाल यति, कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अरविन्द आनन्द, निबंधन पदाधिकारी डॉ. मीना कुमारी परिहार “मान्या”, परामर्श समिति अध्यक्ष महंत (डॉ.) देवनायक दास,अनुशासन समिति अध्यक्ष डॉ. प्रभात कुमार, मीडिया प्रभारी जितेन्द्र कुमार सिन्हा, स्वागत अध्यक्ष डॉ. संजू साहू, सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति अध्यक्ष रवि रंजन, संयोजक अभय प्रकाश सिंह, वसंत – काव्योत्सव संयोजक डॉ. पंकज प्रियम सहभागी होंगे।

वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. जनार्दन साहू,डॉ. ए. राजशेखर, डॉ.रामबदन बरुआ, डॉ.नवीन कुमार झा, डॉ.आशीष कुमार, डॉ.उषा किरण श्रीवास्तव एवं अशोक पांडेय की उपस्थिति दर्ज होगी।

———-