बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना के द्वारा “मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं आत्म-सशक्तिकरण” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन होटल चाणक्य, पटना के सभागार में किया गया। इस कार्यशाला में बिहार के विभिन्न सरकारी एवं निजी अभियंत्रण महाविद्यालयों तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षको ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा, कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. अनंत कुमार (डीन, छात्र कल्याण), परीक्षा नियंत्रक डॉ. बिजेंद्र कुमार तथा ब्रह्मा कुमारीज के राज्य समन्वयक बी.के संजय कुमार, वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बी.के चित्रा दीदी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में अनंत कुमार (डीन, छात्र कल्याण) ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षणिक वातावरण में मानसिक स्वास्थ्य का महत्व अत्यंत बढ़ गया है। केवल शैक्षणिक एवं तकनीकी उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास, भावनात्मक स्थिरता और आंतरिक शक्ति भी समान रूप से आवश्यक है। विशेष रूप से इंजीनियरिंग शिक्षा से जुड़े छात्रों एवं शिक्षकों पर शैक्षणिक दबाव अधिक होता है, ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अत्यंत आवश्यक हो जाती है।
माननीय कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा ने कहा कि मानसिक रूप से सशक्त व्यक्ति ही बेहतर शिक्षार्थी, कुशल पेशेवर और जिम्मेदार नागरिक बन सकता है। उन्होंने इस प्रकार की कार्यशालाओं को समय की आवश्यकता बताते हुए विश्वविद्यालय में सकारात्मक एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण विकसित करने पर बल दिया |
कर्मशाला समन्वयक सह परीक्षा नियंत्रक डॉ बिजेन्द्र कुमार के द्वारा आश्वस्त किया गया कि इस तरह की कर्मशाला को निरंतर रूप से कराया जाएगा।
ब्रह्मा कुमारीज के प्रतिनिधियों ने राजयोग, ध्यान, आत्म-जागरूकता एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से तनाव प्रबंधन और मानसिक शांति के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आत्म-सशक्तिकरण से व्यक्ति चुनौतियों का सामना शांति और स्पष्टता के साथ कर सकता है।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना तथा आत्म-सशक्तिकरण, भावनात्मक संतुलन, तनाव प्रबंधन और माइंडफुलनेस की व्यावहारिक तकनीकों से परिचित कराना रहा, जिससे विश्वविद्यालय एवं संबद्ध संस्थानों में कल्याणकारी और सकारात्मक शैक्षणिक संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके।